पूर्व मंत्रियों की हो सकती है मोदी कैबिनेट में एंट्री

नई दिल्ली, केंद्र सरकार के कैबिनेट फेरबदल को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। मीडिया रिपोट्र्स में इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इस बीच अब यह खबर सामने आई है कि कैबिनेट में कुछ पूर्व मंत्रियों की दोबारा एंट्री हो सकती है। इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्रियों की कैबिनेट में वापसी के पीछे भारतीय जनता पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति है। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से भी जोड़ा जा रहा है। रिपोट्र्स के मुताबिक कैबिनेट में संसद के मॉनसून सत्र से पहले फेरबदल की संभावना है। हालांकि कई रिपोट्र्स में यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व जल्दबाजी नहीं करेगा और अहम फैसले के लिए संसद सत्र खत्म होने का इंतजार भी किया जा सकता है। बता दें कि इससे पहले पूर्व में भी मोदी कैबिनेट में फेरबदल किया जा चुका है। 2021 में एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में हुए फेरबदल में मंत्रिमंडल में 36 नए मंत्री शामिल हुए थे। वहीं कुछ बड़े चेहरों को इस बार मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है।
हालांकि भाजपा की तरफ से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन चार और पांच जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जाएंगे। इस दौरान वे आगामी कार्यक्रमों और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार नितिन नवीन संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत बनाने के लिए अलग अलग बैठकों में अधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे। नितिन नवीन प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगे।
यूपी-हिमाचल में विधानसभा चुनावों को लेकर कदम
इस बार चर्चा है कि उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कैबिनेट में कुछ ऐसे नेताओं को शामिल किया जा सकता है, जो पूर्व में मंत्री रह चुके हैं।




