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यहां समुद्र में फेंक दी जाती है लाखों-करोड़ों की वाइन, सालों तक पानी के अंदर है सड़ती, निकालते ही कीमत में लग जाती है आग!

वैसे तो दुनिया के कई हिस्सों में वाइन बनाई जाती है लेकिन स्पैनिश वाइन का अपना ही मजा है. वाइन बनाने वाले देश स्पेन में एक अनोखा ट्रेंड चल रहा है. कई कंपनियां अपनी महंगी वाइन को समुद्र के अंदर फेंक देती हैं. लाखों-करोड़ों रुपये की बोतलें पानी के नीचे सालों तक रहती हैं और फिर निकालकर महंगे दामों में बेची जाती हैं.

कैसे होता है यह प्रोसेस?
कंपनियां खास बोतलों को मजबूत क्रेट्स में पैक करके समुद्र की गहराई में डुबो देती हैं. वहां अंधेरा, उच्च दबाव और लगातार हलचल रहती है. कंपनियों का मानना है कि अंधेरी गहराई से रोशनी नहीं पहुंचती, जिससे वाइन का स्वाद बेहतर बनता है. साथ ही पानी की हलचल बोतल को हिलाती रहती है, जिससे टेक्चर स्मूद और रिच होता है. इसके अलावा समुद्र का नमक और प्रेशर वाइन को यूनिक फ्लेवर देता है. कुछ साल बाद बोतलें निकाली जाती हैं. इन बोतलों पर खास सर्टिफिकेट लगाया जाता है कि ये “Sea Aged” या “Underwater Matured” हैं.

कीमत कितनी बढ़ जाती है?
समुद्र से निकाली गई वाइन सामान्य वाइन से कई गुना महंगी बिकती है. कुछ बोतलें तो लाखों रुपये में बिक जाती हैं. वाइन कलेक्टर्स और शौकीन इन्हें खास मानते हैं. लेकिन वाइन एक्सपर्ट्स अभी भी इस बात पर पूरी तरह यकीन नहीं कर पाए हैं. कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि पानी के अंदर रखने से वाइन में कुछ केमिकल चेंज होते हैं जो स्वाद को प्रभावित कर सकते हैं. लेकिन कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह ज्यादातर मार्केटिंग ट्रिक है. समुद्र में रखने से बोतलें क्षतिग्रस्त भी हो सकती हैं.

स्पेन में क्यों लोकप्रिय?
स्पेन दुनिया के टॉप वाइन उत्पादक देशों में शामिल है. यहां कंपनियां नई-नई तकनीकों से वाइन को यूनिक बनाने की कोशिश करती हैं. समुद्र एजिंग भी इन्हीं प्रयोगों का हिस्सा है.भारत में वाइन की लोकप्रियता बढ़ रही है. ऐसे में यह तरीका भारतीय वाइन प्रेमियों और इन्वेस्टर्स के लिए रोचक है. हालांकि भारत में समुद्री जलवायु अलग है, इसलिए यह प्रयोग यहां आसानी से नहीं किया जा सकता.

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