आज शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि उपरांत पूर्णिमा,शुभ अशुभ समय और राहुकाल

Aaj Ka Panchang 28 June 2026: आज 28 जून 2026 दिन रविवार है. महावीर पंचांग के अनुसार शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी रात 02 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, इसके बाद तिथि पूर्णिमा तिथि आरम्भ हो जाएगी. आज सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा वृश्चिक राशि में हैं. सूर्य और बुध मिथुन राशि में मौजूद हैं. मंगल वृषभ राशि में स्थित हैं. शुक्र और देव गुरु बृहस्पति कर्क राशि में हैं. शनि मीन राशि में मौजूद हैं. राहु कुंभ राशि में तथा केतु सिंह राशि में विराजमान हैं.आइए जानते है ज्योतिषाचार्य एवं तंत्र विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्रबाहु: से आज का पंचांग …
आज का पंचांग 28 जून 2026 दिन रविवार
तिथि: अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी रात 02 बजकर 35 मिनट तक, उपरांत पूर्णिमा तिथि
श्री शुभ संवत: 2083
शाके: 1948
हिजरी सन: 1447-48
सूर्योदय: 05:01 AM
सूर्यास्त: 06:44 PM
नक्षत्र: ज्येष्ठा रात 1 बजकर 30 मिनट तक उपरांत मूल
योग: शुभ दोपहर 2 बजकर 41 मिनट तक उपरांत शुक्ल
करण: गर दोपहर 1 बजकर 23 मिनट तक उपरांत वणिज
सूर्योदय कालीन ग्रह विचार
सूर्य- मिथुन राशि
चंद्रमा- वृश्चिक राशि
मंगल- वृषभ राशि
बुध- मिथुन राशि
गुरु-कर्क राशि
शुक्र- कर्क राशि
शनि- मीन राशि
राहु-कुम्भ राशि
केतु-सिंह राशि
आज दिन का चौघड़िया (पटना)
उद्वेग – अशुभ: 05:01 Am से 06:44 Am
चर – सामान्य: 06:44 Am से 08:27 Am
लाभ – उन्नति: 08:27 Am से 10:10 Am
अमृत – सर्वोत्तम: 10:10 Am से 11:53 Am
काल – हानि: 11:53 Am से 01:36 Pm
शुभ – उत्तम: 01:36 Pm से 03:19 Pm
रोग – अमंगल: 03:19 Pm से 05:02 Pm
उद्वेग – अशुभ: 05:02 Pm से 06:44 Pm
आज का शुभ समय (मुहूर्त)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:39 Am से 04:20 Am
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:25 Am से 12:20 Pm
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:10 Pm से 03:05 Pm
आज का अशुभ समय (मुहूर्त)
राहुकाल: शाम 05:02 Pm से 06:44 Pm
यमगण्ड: दोपहर 11:53 Am से 01:36 Pm
गुलिक काल: शाम 03:19 Pm से 05:02 Pm
व्रत और उपाय
आज वट सावित्री व्रत का दूसरा दिन (जिसे वट सावित्री ‘नहाय-खाय’ या वट सावित्री व्रत से ठीक पहले की तैयारी का दिन माना जाता है) मुख्य रूप से उपवास की पूर्व-तैयारी और शुद्धिकरण के लिए समर्पित होता है. इस दौरान महिलाएं व्रत के लिए खुद को तैयार करती हैं और पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री इकट्ठा करती हैं.




