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महाराष्ट्र UCC पैनल के सदस्य बनाए गए पूर्व IAS शत्रुघ्न सिंह, बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण ने दिया था इस्तीफा

मुंबई : उत्तराखंड कैडर के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को महाराष्ट्र सरकार की समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति समिति से बॉम्बे हाई कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश के हाल में इस्तीफा देने के बाद हुई है। राज्य सरकार ने विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानून लागू करने के उद्देश्य संबंधी यूसीसी की रूपरेखा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में इस साल जुलाई में सात सदस्यीय समिति गठित की थी।

बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरसी चव्हाण ने इसी हफ्ते समिति से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने समिति पर महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर लोगों की राय को केवल हां/नहीं के विकल्पों तक सीमित रखने के समिति के फैसले पर गंभीर आपत्ति जताई थी।

समिति की अध्यक्ष पूर्व जस्टिस रंजना देसाई ने दी मंजूरी

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई ने शत्रुघ्न सिंह के नाम का सुझाव दिया था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी। अधिकारी ने हालांकि कहा कि शत्रुघ्न सिंह की नियुक्ति का समिति के सदस्य के रूप में चव्हाण के इस्तीफे से कोई संबंध नहीं है।

9 जुलाई को बनी थी समिति

अधिकारी ने कहा कि न्यायमूर्ति रंजना देसाई शत्रुघ्न सिंह को अच्छी तरह जानती हैं, क्योंकि दोनों पहले साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने शत्रुघ्न सिंह के नाम का सुझाव दिया और सरकार ने उसे मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समिति के गठन की 9 जुलाई को घोषणा की थी।

समिति को 6 महीने का दिया गया समय

समिति को यूसीसी के कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहलुओं की पड़ताल करने, इसे लागू कर चुके उत्तराखंड जैसे अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस. जी. मेहरे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव डीके जैन, पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र सराफ, संविधान विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षाविद सुवर्णा रावल शामिल हैं।

UCC लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को विश्वास जताया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राज्य सरकारें 2029 से पहले यूसीसी लागू करेंगी। अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है। उत्तराखंड देश में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं ने भी यूसीसी विधेयक पारित किए हैं।

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