रेलवे की 7 लाइनों के नीचे ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल की खुदाई पूरी, बिना रेल सेवा बाधित किए पूरा हुआ काम

मुंबई: ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल प्रॉजेक्ट में एक बड़ी तकनीकी बाधा पार कर ली गई है। एमएमआरडीए ने सीएसएमटी के पास सेंट्रल और हार्बर रेलवे की सात रेल लाइनों के नीचे टनल की खुदाई का काम पूरा कर लिया है। खास बात यह है कि यह काम रेल सेवाओं को बाधित किए बिना किया गया। रेलवे और एमएमआरडीए की निगरानी में रेल पटरियों से करीब 23 मीटर नीचे टनल बनाई गई है। यह उपलब्धि प्रॉजेक्ट के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक मानी जा रही है। ईस्टर्न फ्री वे और अटल सेतु से आने वाले वाहनों को साउथ मुंबई तक सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी देने के लिए इस टनल का निर्माण किया जा रहा है। प्रॉजेक्ट पूरा होने के बाद वाहन चालक ईस्टर्न फ्री वे से सीधे मरीन ड्राइव और कोस्टल रोड तक पहुंच सकेंगे। अभी फ्री वे से उतरने के बाद कई सिग्नल और व्यस्त सड़कों से होकर मरीन ड्राइव पहुंचना पड़ता है। इससे समय के साथ ईंधन की भी खपत होती है।
रेलवे लाइन के नीचे सबसे चुनौतीपूर्ण काम
टनल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सीएसएमटी के करीब सेंट्रल और हार्बर रेलवे की सात लाइनों के नीचे से गुजरता है। यहां खुदाई के दौरान ऊपर लगातार रेल सेवाएं चल रही थीं। इसलिए एमएमआरडीए और रेलवे ने निगरानी में अत्यंत सावधानी के साथ यह काम पूरा किया। टनल रेलवे लाइन से करीब 23 मीटर नीचे बनाई गई है, जिससे ऊपर चल रही रेल सेवाओं पर इसका असर नहीं पड़ा।
2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
करीब ₹8,056 करोड़ की लागत वाले इस प्रॉजेक्ट को 54 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। एमएमआरडीए ने इसे 2028 तक पूरा करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय से छह महीने पहले काम पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
क्या है ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल
ईस्टर्न फ्री वे को कोस्टल रोड से सीधे जोड़ने के लिए करीब 9.96 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब 7 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। कॉरिडोर पी. डिमेलो रोड स्थित ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव के पास कोस्टल रोड तक बनाया जा रहा है। टनल का निर्माण टनल बोरिंग मशीन (TBM) से किया जा रहा है। इसमें वाहनों के लिए दोनों दिशाओं में दो-दो लेन होंगी और आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त लेन की व्यवस्था होगी।
प्रोजेक्ट की लागत 8,056 करोड़ रुपये
– कुल 9.96 किमी लंबा मार्ग
– 7 किमी का अंडर ग्राउंड मार्ग
– 2-2 लेन गाड़ियों के आने जाने के लिए
– 1 एमरजेंसी लेन होगी
– 80 किमी की स्पीड से दौड़ेगी गाड़ी
– हर 300 मीटर पर क्रॉस पैसेज
– अंडर ग्राउंड मेट्रो 3 के 50 मीटर नीचे बनेगा मार्ग
– सेंट्रल और हार्बर रेल लाइन के नीचे से गुजरेगी
– उन्नत वेंटिलेशन सिस्टम
– अग्निरोधक व सुरक्षा तंत्र
– इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम
– हाई-परफॉर्मेंस टनल लाइटिंग
– 54 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
फायदे
– पूर्व–पश्चिम कोस्टल कनेक्टिविटी
– अतुल सेतु से कोस्टल रोड कनेक्ट होगा
– यात्रा की अवधि 20 से 25 मिनट तक घटेगी
ईंधन की बचत
– वायु और ध्वनि प्रदूषण कम होगा
– दक्षिण मुंबई का ट्रैफिक कम होगा
टीबीएम की खासियत
– 82 मीटर लंबा
– 12.19 मीटर का कटरहेड व्यास
– 2400 टन वजनी




