हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने तीन हजार तक बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी, एक अप्रैल 2026 से लागू

लखनऊ। गौतमबुद्ध नगर में विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी में एक अप्रैल से 21 प्रतिशत तक की अंतरिम बढ़ोतरी का निर्णय किया है। गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद के श्रमिकों की मजदूरी (मूल वेतन व मंहगाई भत्ता सहित) सबसे ज्यादा 21 प्रतिशत बढ़ाई गई है।
अन्य नगर निगम वाले जिलों में 15 प्रतिशत और शेष जिलों में मजदूरी की अंतरिम दरें लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय़ किया गया है।
प्रदेशभर में एक समान है न्यूनतम मजदूरी
अभी न्यूनतम मजदूरी की दरें प्रदेशभर के सभी जिलों में एक समान अकुशल श्रमिकों के लिए 11,313 रुपये मासिक व 435.14 रुपये दैनिक, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 12,445 रुपये मासिक व 478.69 रुपये दैनिक तथा कुशल श्रमिकों के लिए 13,940 रुपये मासिक व 536.16 रुपये दैनिक हैं। हाल ही में ये दरें लागू की गई थीं।
सरकार द्वारा अब अंतरिम निर्धारित दरें गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 15,059 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये निर्धारित की गई है।
अन्य नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए अंतरिम मजदूरी की दरें 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये के साथ ही शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए 12,356 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 13,591 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 15,224 रुपये निर्धारित की गई है।
इंटरनेट पर प्रसारित खबरों को बताया भ्रामक
दूसरी तरफ कई इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित किए जाने की खबरों को प्रदेश सरकार ने भ्रामक करार दिया है।
लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।सरकार नए श्रम कानूनों के तहत निरंतर आवश्यक कार्यवाही कर रही है। अगले माह गठित होने वाले वेज बोर्ड की सिफारिशों पर न्यूनतम वेतन निर्धारित किए जाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।




