मध्यप्रदेश

अब सतना भी बनेगा खेलों का पावर सेंटर, तैयार हुआ हाईटेक स्टेडियम, मिलेगी 15 खेलों की शानदार सुविधाएं

Dada Sukhendra Singh Stadium: सुबह की हल्की धूप, ट्रैक पर दौड़ते युवा, बास्केटबॉल कोर्ट में गूंजती बॉल की आवाज, और जिम में पसीना बहाते खिलाड़ी… ये नजारा अब किसी बड़े महानगर का नहीं बल्कि सतना के जवाहर नगर स्थित दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम का है. कभी साधारण खेल मैदान के रूप में पहचाना जाने वाला यह स्थान आज एक आधुनिक स्पोर्ट्स हब बन चुका है जहां हर उम्र के खिलाड़ी अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 9.28 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेडियम अब न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खेल का अड्डा बन गया है.

दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम, अब हर खेल का एक ही ठिकाना
करीब 10 एकड़ में फैले इस भव्य स्टेडियम को मल्टी डिसिप्लिन स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है. यहां एक साथ लगभग 15 तरह के खेलों की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं जो इसे जिले का सबसे बड़ा और उन्नत खेल परिसर बनाती हैं. 400 मीटर का 6 लेन रनिंग ट्रैक एथलीट्स के लिए किसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग ग्राउंड से कम नहीं है. इसके साथ ही फुटबॉल मैदान, 4 बैडमिंटन कोर्ट, 2-2 वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और कंपटीशन के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म दे रहे हैं.

इंडोर से आउटडोर तक, हर खेल के लिए पूरी तैयारी
इस स्टेडियम की खासियत सिर्फ इसके बड़े मैदान ही नहीं बल्कि इसकी इनडोर सुविधाएं भी हैं. टेबल टेनिस के लिए आधुनिक हॉल, बिलियर्ड्स, कैरम, जूडो और कराटे जैसे खेलों के लिए विशेष स्पेस तैयार किया गया है. यहां खिलाड़ी मौसम की परवाह किए बिना लगातार अभ्यास कर सकते हैं. वहीं आउटडोर में कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों की पूरी व्यवस्था इसे हर खिलाड़ी के लिए परफेक्ट बनाती है.

फिटनेस और सुविधा, हर जरूरत का ध्यान
स्टेडियम में खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए एक किफायती जिम और वार्मअप स्पेस भी बनाया गया है. इसके अलावा हाई क्वालिटी वाली लाइटिंग, साफ-सुथरे टॉयलेट्स, ऑर्गेनाइज्ड पार्किंग और कैंटीन जैसी सुविधाएं इसे एक कम्प्लीट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाती हैं. हाल ही में यहां पुराने को तोड़कर एक नया स्विमिंग पूल भी शुरू किया गया है जो खिलाड़ियों के साथ आम नागरिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है.

आज दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम सिर्फ एक खेल मैदान नहीं बल्कि सतना के युवाओं के सपनों का केंद्र बन चुका है. यहां हर दौड़ते कदम के साथ एक नई उम्मीद है हर खेल में एक नया लक्ष्य है और हर खिलाड़ी के मन में एक ही जज्बा है कि अब सतना भी खेलों में पीछे नहीं रहेगा.

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