ISI को भेजी RSS दफ्तरों की लोकेशन, ग्रेनेड से हमलों का था टास्क, सलीम वास्तिक समेत 4 को दी थी धमकी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उजागर की गई बड़ी साजिश केवल संवेदनशील ठिकानों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें व्यक्तिगत स्तर पर धमकी और भय फैलाने की योजनाएं भी शामिल थीं। लखनऊ एटीएस की जांच में सामने आए नए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है, जिसमें धार्मिक पहचान छोड़ चुके कुछ लोगों को भी निशाना बनाने और धमकाने की बात सामने आई है। नोएडा से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिले इन तथ्यों ने जांच को कई नई दिशाएं दे दी हैं और यह संकेत दिया है कि साजिश का दायरा अपेक्षाकृत व्यापक और संगठित था।
आरएसएस दफ्तरों पर हमले की थी साजिश
एटीएस की विवेचना के अनुसार तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और समीर खान ने आरएसएस से जुड़े दफ्तरों की लोकेशन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजी थी। इसके बाद उन्हें इन ठिकानों पर ग्रेनेड से हमला करने के निर्देश मिले थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह योजना सुनियोजित तरीके से दहशत फैलाने के उद्देश्य से तैयार की गई थी।
हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने की योजना
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को कुछ खास हिंदूवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं को टारगेट करने का निर्देश दिया गया था। योजना के तहत पहले उनके घरों पर ग्रेनेड फेंकने और बाद में हत्या करने की साजिश तैयार की गई थी। इसके लिए उन्हें नकद भुगतान और विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था, ताकि वे इस पूरी साजिश को अंजाम दें।
सलीम वास्तिक समेत चार लोग निशाने पर
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने सलीम वास्तिक समेत चार एक्स मुस्लिम व्यक्तियों को फोन पर धमकाया था। इनके साथ इमरोज आलम, अंजलि आर्या उर्फ तुबा कुरैशी और अन्य नाम भी सामने आए हैं। इन धमकी भरे कॉल्स के दौरान कथित रूप से आईएसआई से जुड़े एजेंट भी कॉन्फ्रेंस कॉल में मौजूद थे। इन कॉल्स को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जो अब जांच एजेंसियों के लिए अहम सबूत बने हैं।
कोर्ट ने दी 6 दिन की रिमांड
एटीएस ने दोनों आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए कोर्ट की विशेष न्यायाधीश ने दोनों की छह दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। इसके तहत 1 मई से 6 मई तक दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि साजिश से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सके।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और नेटवर्क की जांच
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपियों के तार पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा मॉड्यूल किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसे भारत में सक्रिय करने की कोशिश की जा रही थी।
जांच जारी, और बड़े खुलासों की संभावना
फिलहाल एटीएस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस साजिश की पूरी परतें सामने आ सकेंगी।




