‘एक जैसे रोल नहीं निभा सकता’-रणदीप हुड्डा, पिता बनने के बाद एक्टर की बदल गई सोच

अपने 25 साल लंबे करियर में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले रणदीप हुड्डा, आज भी इंडस्ट्री में लगातार नए और चैलेंजिंग रोल निभा रहे हैं. एक्टर का मानना है कि खुद को समय-समय पर बदलते रहना और नई चीजें आजमाना ही उनकी लंबी पारी का सबसे बड़ा राज है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में रणदीप हुड्डा अपनी दमदार एक्टिंग और अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं. अब उन्होंने अपनी इस लंबी पारी का राज खोल दिया है. वह ज्यादातर ऐसे ही रोल में नजर आए हैं, जिनमें कुछ नया करने और खुद को चैलेंज करने वाला होता था.
अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि घुड़सवारी में घोड़े की चाल, सांस और शरीर का बैलेंस मायने रखता है, वैसे ही एक्टिंग में डायलॉग, एक्सप्रेशन और सांस लेने का अपना रिदम होता है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा का मार्गदर्शन और उनकी असली जिंदगी के अनुभवों के बारे में जानने का मौका नहीं मिलता, तो शायद वह इस किरदार में इतनी गहराई नहीं ला पाते.
रणदीप ने कहा कि हर किरदार की अपनी अलग सोच और गति होती है, इसलिए एक अभिनेता को उसी हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है. हालांकि वह इन चीजों को ज्यादा सोचकर नहीं करते, लेकिन वक्त के साथ यह सब उनकी एक्टिंग का हिस्सा बन गया है.
अपने करियर के बारे में बात करते हुए रणदीप ने कहा कि उन्होंने जिंदगी में कई बार अपनी ही बनाई सीमाएं तोड़ी हैं. वह लंबे समय तक एक जैसा काम नहीं कर सकते. यही वजह है कि उन्होंने खुद को बार-बार नए तरीके से आजमाया और बदलाव को अपनी आदत बना लिया.
उन्होंने बताया कि करीब 25 साल के करियर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे. कई बार ऐसे मौके भी आए, जब उन्हें फिर से नई शुरुआत करनी पड़ी. लेकिन हर बार उन्होंने खुद को मजबूत बनाकर वापसी की. रणदीप के मुताबिक, यही संघर्ष और बदलाव उन्हें आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करता रहा.
एक्टर का मानना है कि अगर कोई कलाकार हमेशा एक जैसे रोल करता रहे, तो दर्शकों के लिए उसमें नया कुछ नहीं बचता. इसलिए समय-समय पर खुद को चुनौती देना जरूरी है. शायद यही वजह है कि आज भी फिल्ममेकर उन्हें अलग-अलग तरह के किरदारों में कास्ट करना पसंद करते हैं.
निजी जिंदगी पर बात करते हुए रणदीप ने कहा कि पिता बनने के बाद उनकी सोच काफी बदली है. अब वह जिंदगी को थोड़ा शांत और बैलेंस तरीके से जीना चाहते हैं. पहले जहां वह हर वक्त कुछ नया और अलग करने की तलाश में रहते थे, वहीं अब वह काम और निजी जिंदगी में एक स्थिर रिदम बनाए रखना चाहते हैं.




