ईरान डील पर डोनल्ड ट्रंप की सख्त शर्तें: बोले- पहले समझौता, फिर मिलेगी राहत

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। ट्रंप ने कहा है कि किसी भी अंतिम समझौते से पहले ईरान पर लगे प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं दी जाएगी और न ही उसके फ्रीज किए गए विदेशी संपत्तियों को खोला जाएगा।
NBC News के कार्यक्रम “Meet the Press” में बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या भविष्य में ईरान की संपत्तियां खोली जा सकती हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘अगर वे सही व्यवहार करते हैं, अच्छा काम करते हैं और बातचीत आगे बढ़ती है, तब हम इस पर बात शुरू करेंगे।
लेबनान को लेकर भी दी सफाई
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी अल्पकालिक समझौते में लेबनान को शामिल करने की मांग नहीं कर रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान से जुड़ा संघर्ष 100वें दिन में पहुंच चुका है। हालांकि 8 अप्रैल को संघर्ष विराम लागू हुआ था, लेकिन स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत बार-बार अटकती रही है। अब तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है।
ईरान अभी तैयार नहीं- ट्रंप
ट्रंप ने शुक्रवार को भी कहा था कि ईरान ने अब तक अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। उनके अनुसार, इसकी वजह ईरानी नेतृत्व की कठोर सोच और हिचकिचाहट है। उन्होंने कहा कि वे मजबूत हैं, गर्व से भरे हैं और अब उन्हें ऐसी चीजें करनी पड़ेंगी, जिनके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। उनके पास दूसरा विकल्प नहीं है और इसमें थोड़ा समय लग रहा है।
47 साल तक बिना रोक-टोक चलता रहा- ट्रंप
ट्रंप ने ईरान पर दशकों तक बिना पर्याप्त जवाबदेही के काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए था। ट्रंप के मुताबिक, 47 साल तक ईरान अपनी मनमर्जी करता रहा। यह काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था। इसे दूसरे राष्ट्रपतियों या अन्य देशों को पहले ही करना चाहिए था।




