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मानसून अलर्ट! बारिश के दिनों में इन जगहों पर सबसे ज्यादा छिपते हैं जहरीले सांप

मानसून की पहली बारिश जहां लोगों को गर्मी से राहत देती है, वहीं यह मौसम सांपों की गतिविधियों को भी बढ़ा देता है. हर साल बरसात शुरू होते ही गांवों और शहरों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. कई बार कोबरा, करैत और वाइपर जैसे जहरीले सांप भी घरों, खेतों और गोदामों के आसपास दिखाई देने लगते हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर बारिश के मौसम में सांप ज्यादा क्यों नजर आते हैं. प्रयागराज के स्नैक मैन हरियाली गुरू ने इसे आसान भाषा में समझाया है.

लगातार बारिश होने पर सांपों के बिलों और छिपने की जगहों में पानी भर जाता है. ऐसे में वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं. यही कारण है कि बरसात के दौरान घरों, आंगनों, लकड़ी के ढेर, स्टोर रूम और खेतों के आसपास उनकी मौजूदगी बढ़ जाती है.

सांपों के बाहर निकलने की एक और बड़ी वजह भोजन की तलाश भी होती है. बारिश के मौसम में मेंढक, चूहे, कीड़े-मकोड़े और अन्य छोटे जीव ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. ये जीव कई सांपों का प्रमुख भोजन हैं. जब शिकार बढ़ता है, तो सांप भी अधिक सक्रिय होकर बाहर निकलते हैं.

बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है और तापमान अपेक्षाकृत अनुकूल हो जाता है. ठंडे खून वाले जीव होने के कारण सांप ऐसे मौसम में ज्यादा सक्रिय रहते हैं. यही वजह है कि शाम और सुबह के समय उनके दिखने की संभावना बढ़ जाती है.

बरसात के मौसम में कुछ सावधानियां अपनाकर सांपों से होने वाले खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. घर के आसपास झाड़ियां, कूड़ा-कचरा और लकड़ियों का ढेर न लगने दें. दरवाजों और खिड़कियों के नीचे बने छोटे छेद या दरारों को बंद रखें. रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और खेतों या घास वाले क्षेत्रों में जाते समय जूते पहनें.

अगर घर में सांप दिखाई दे जाए तो घबराने या उसे मारने की कोशिश न करें. सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें. अधिकांश सांप इंसानों पर हमला करने नहीं आते, बल्कि सुरक्षित जगह की तलाश में भटककर पहुंच जाते हैं.

<br />मानसून में थोड़ी सतर्कता और सही जानकारी आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.





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