‘होर्मुज में शुल्क मंजूर नहीं’: ट्रंप की धमकी पर ईरान का जवाब- US का दखल रहने तक क्षेत्र में नहीं आएगी शांति

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी पर किसी भी तरह का शुल्क लगाने के प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्वीकार्य बताते कहा कि ऐसा कदम पूरी स्थिति बदल सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है और सैन्य कार्रवाई प्रभावी रही है। वहीं, ईरान ने जवाब दिया कि अमेरिकी दखल और सैन्यवाद जारी रहने तक पश्चिम एशिया में शांति संभव नहीं है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) कहा कि अगर ईरान के साथ होने वाले किसी समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी या समुद्री गतिविधियों पर किसी भी तरह का शुल्क शामिल हुआ, तो यह उनके लिए ‘अस्वीकार्य’ होगा। ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अमेरिका अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
जब उनसे पूछा गया कि यदि अंतिम ईरान समझौते में जहाजरानी पर किसी तरह का शुल्क शामिल हुआ तो क्या वह उसे रोक देंगे, इस पर ट्रंप ने कहा, हां, यह मेरे लिए अस्वीकार्य होगा, क्योंकि दुनिया में कई अन्य जलडमरूमध्य भी हैं। अगर आप उनके लिए ऐसा करते हैं, तो फिर आपको दूसरों के लिए भी ऐसा करना होगा। दूसरे जलडमरूमध्य भी हैं और मैं वहां भी इसकी अनुमति नहीं दूंगा। हां, यह पूरी स्थिति को बदल देने वाला कदम होगा।
डेमोक्रेट्स को बताया ‘डमोक्रेट’
ट्रंप ने आगे कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी युद्ध हारना चाहती है। उन्होंने कहा, ईरान के साथ हमारी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। हम एक बेहद अहम मुद्दे के बीच में हैं, जिसे हम किसी भी तरह हासिल कर लेते। हमारे साथ चार रिपब्लिकन सीनेटर थे और सभी डेमोक्रेट दूसरी तरफ थे। आप जानते हैं। डेमोक्रेट युद्ध हारना चाहते हैं, क्योंकि वे मूर्ख हैं। इसलिए हम उन्हें डेमोक्रेट नहीं, ‘डमोक्रेट’ (मूर्ख) कहते हैं। मैं अब ‘ई’ की जगह ‘यू’ इस्तेमाल करता हूं। हम उन्हें ‘डमोक्रेट’ कहते हैं, क्योंकि वे मूर्ख हैं। उनकी नीतियां बहुत खराब हैं।
उन्होंने कहा, युद्ध बहुत अच्छा चल रहा है। जैसाकि आप जानते हैं, हम बड़े अंतर से आगे हैं। ईरान बहुत बड़ी रियायतें दे रहा है। आगे क्या होता है, यह देखेंगे। लेकिन यह (सैन्य कार्रवाई) बहुत, बहुत, बहुत प्रभावी रही है। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है।
व्हाइट हाउस ने तेल की कीमतों व ईरान पर क्या कहा?
इससे पहले दिन में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा था कि कच्चे तेल की कीमत घटकर लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जो ईरान युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर के करीब है। इस पर ट्रंप ने कहा, मैं देख रहा हूं कि तेल की कीमत 70 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई है। किसने सोचा था कि ऐसा होगा? और वह भी युद्ध के दौरान। ईरान बहुत सहयोगी रवैया दिखा रहा है। वे मेरी हर बात मान रहे हैं और उन्हें माननी भी होगी। नहीं तो हम फिर वही करेंगे जो हमें करना होगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक पोस्ट के जवाब में कहा कि जब तक अमेरिकी दखल जारी रहेगा, तब तक क्षेत्र में शांति संभव नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, कोई भी इससे धोखा नहीं खाएगा। जब तक अमेरिकी सैन्यवाद और हस्तक्षेप जारी रहेगा, तब तक हमारे क्षेत्र में शांति नहीं हो सकती। साथ ही उसका कब्जा करने वाला सहयोगी (इस्राइल) पूरी छूट के साथ पूरे क्षेत्र में लगातार युद्ध, नरसंहार, आतंकवादी हिंसा और अन्य अत्याचार करता रहेगा।




