उत्तरप्रदेश

मेरठ में पिता ने ही बेटी को नहर में फेंका था, इकरा की हत्या मामले में सुलेमान को उम्रकैद,

 मेरठ: मेरठ के सरधना क्षेत्र में दो साल की मासूम बेटी को गंगनहर में फेंककर उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने उसके पिता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे/एसी-1 मेरठ की कोर्ट ने आरोपी सुलेमान पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। करीब दो साल पहले हुई इस वारदात का खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ था। पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले की प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी को सजा दिलाई।

सरधना थाना क्षेत्र के कमरुद्दीननगर मढ़ियाई निवासी सुलेमान पर अपनी दो वर्षीय बेटी इकरा की हत्या का आरोप था। घटना 15 जून 2024 की है। पुलिस के मुताबिक, पत्नी से विवाद के बाद सुलेमान अपनी मासूम बेटी को लेकर गंगनहर पर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने बच्ची को नहर के तेज बहाव में फेंक दिया और वापस घर लौट आया।

बच्ची अचानक हुई थी लापता

बच्ची के अचानक लापता होने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। तलाश शुरू हुई तो सुलेमान भी अन्य लोगों के साथ बच्ची को खोजने में शामिल हो गया। उस समय उसने यह नहीं बताया कि बेटी उसके साथ नहर तक गई थी। पुलिस और परिजन अलग-अलग स्थानों पर बच्ची की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में सुलेमान बच्ची को लेकर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस का शक उस पर गहराया और उससे सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बच्ची को गंगनहर में फेंक दिया था।

पिता के खिलाफ दर्ज किया गया था हत्या का केस

इसके बाद उपनिरीक्षक राहुल कुमार सिंह की तहरीर पर सरधना थाने में सुलेमान के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया गया।

पुलिस ने 2024 में दाखिल किया था आरोप पत्र

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 29 जून 2024 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। इसके बाद मामला अदालत में चला। पुलिस की ओर से ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मुकदमे की प्रभावी पैरवी पर जोर दिया गया और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत के समक्ष मजबूती से रखा गया। अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सुलेमान को हत्या का दोषी माना। बुधवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

सीसीटीवी बना अहम कड़ी

इस मामले में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम साक्ष्य साबित हुआ। बच्ची के गायब होने के बाद जब पिता भी उसके साथ तलाश में शामिल था, तब किसी को वारदात का अंदाजा नहीं था। सीसीटीवी में बच्ची को पिता के साथ जाते देखे जाने के बाद जांच की दिशा बदली और पूछताछ में मामले का खुलासा हुआ।

Related Articles

Back to top button