उत्तरप्रदेश

बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में दिखा यूपी का दम, इन 8 चेहरों के साथ पार्टी साधेगी सोशल इंजीनियरिंग

लखनऊ: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में इस बार फिर से यूपी का दम दिखा है। टीम में यूपी से 8 चेहरे लिए गए हैं। वहीं, पिछली टीम में अहम जिम्मेदारियां संभालने वाले राष्ट्रीय महामंत्री रहे डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, अरुण सिंह और उपाध्यक्ष बने लक्ष्मीकांत वाजपेयी को इस बार जगह नहीं मिली।

पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को राष्ट्रीय संगठन में महामंत्री बनाकर कद बढ़ाया गया है। हरीश द्विवेदी बस्ती और स्मृति इरानी अमेठी से पिछला लोकसभा चुनाव हार गए थे। इस बीच अब उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया जाना संगठन में उनकी मजबूत वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय टीम में 3 महिलाएं यूपी से हैं

यूपी के लिहाज से यह बदलाव महज नामों की अदला-बदली नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की प्राथमिकताओं में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। राष्ट्रीय टीम में यूपी के जिन आठ नामों को शामिल किया गया है, उनके जरिए दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश की गई है। दोनों अल्पसंख्पक पसमांदा समाज से आते हैं। वहीं, राष्ट्रीय टीम में शामिल 12 महिलाओं में से तीन यूपी से हैं।

क्यों हटाए गए बड़े चेहरे ?

डॉ.राधा मोहन दास अग्रवाल गोरखपुर सदर सीट से विधायक रह चुके हैं। चर्चा है कि सीएम योगी के खिलाफ मुखर रहने वाले अग्रवाल ने गोरखपुर में हाल ही में एक कार्यक्रम में न बुलाए जाने को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी भी की थी। इस वजह से उनके खिलाफ नाराजगी थी। यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और अरुण सिंह को उम्रदराज होने की वजह से संगठन में जगह नहीं दी गई है।

आठ चेहरों के साथ साधेंगे सोशल इंजीनियरिंग

रेखा वर्मा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): रेखा वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं। राष्ट्रीय टीम में उनकी भूमिका गैर-यादव ओबीसी मतदाताओं को बीजेपी से जोड़ने में काम आएगी। वह पहले भी टीम में उपाध्यक्ष थी। उत्तराखंड की सह प्रभारी भी हैं।

डॉ. भोला सिंह (राष्ट्रीय मंत्री): बुलंदशहर से तीसरी बार सांसद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले डॉ. भोला सिंह अनुसूचित जाति (एससी) के बीच बीजेपी की पकड़ मजबूत करने का एक प्रमुख चेहरा हैं। दलित मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने में कारगर साबित होंगे।

प्रो. तारिक मंसूर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): अलीगढ़ मुस्लिम विवि के पूर्व कुलपति और विधान परिषद सदस्य है। वह मुस्लिम समाज में पिछड़ा माने जाने वाले ‘पसमांदा समाज से आते हैं। उनके जरिए पार्टी मुस्लिमों के पिछड़े तबके को भी अपने साथ जोड़ने का प्रयास करेगी।

स्मृति इरानी (राष्ट्रीय महामंत्री): अमेठी में राहुल गांधी को चुनाव हराकर चर्चित हुई स्मृति इरानी कुशल वक्ता हैं। महिला और युवा मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका होगी।

हरीश द्विवेदी (राष्ट्रीय महामंत्री): यूपी से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने ब्राह्मण चेहरा। बस्ती के पूर्व संसद हरीश द्विवेदी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह असम के प्रभारी भी हैं और असम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

संगीता यादव (राष्ट्रीय मंत्री): राज्यसभा सांसद और गोरखपुर की चौरी चौरा से पूर्व विधायक पूर्वांचल के पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को सीधे प्रभावित करेंगी। पिछड़ा तबके के साथ यादव समाज के भीतर भी पार्टी का आधार बढ़ाने में अहम भूमिका साबित होगी।

अमर पाल मौर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, ओबीसी मोर्चा): ओबीसी मौर्चे के तहत मौर्य, कुशवाहा और सैनी जैसे बड़े वोट बैंक को बीजेपी के पक्ष में एकजुट रखने में अहम भूमिका होगी। डिप्टी सीएम केशव मौर्य के करीबी माने जाते हैं। वह उमा भारती के साथ भी काम कर चुके हैं।

कुंवर बासित अली (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अल्पसंख्यक मोर्चा): यूपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके कुंवर बासित अली भी पसमांदा समाज से आते है। अल्पसंख्यक बूथों तक बीजेपी की पहुंच में अहम भूमिका होगी।

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