झगड़े के बाद बेटे ने पहाड़ी से लगाई छलांग, उसे वापस खींचने की कोशिश में पिता गिरे, फिर मां भी कूद गईं, तीनों की मौत

छत्रपति संभाजीनगर : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सनसनीखेज घटना सामने आई है। शुक्रवार को खव्यदा डोंगर की एक खतरनाक पहाड़ी से कूदने की कोशिश कर रहे अपने 18 साल के बेटे को बचाने की माता-पिता की कोशिश दुखद अंत में बदल गई। परिवार के तीनों सदस्य एक गहरी पत्थर की खदान में गिर गए और उनकी मौत हो गई। यह घटना दोपहर के समय हुई। पुलिस, फायर ब्रिगेड के कर्मचारी, रिश्तेदार और स्थानीय लोग लगभग तीन घंटे तक युवक को पहाड़ी के किनारे से दूर आने के लिए मनाते रहे।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना शुक्रवार दोपहर में वालुज एमआईडीसी थाना क्षेत्र के तिसगांव इलाके में हुई। उन्होंने बताया कि मरने वालों की पहचान शहर के झाल्टा फाटा इलाके के निवासी मुरलीधर चांदगुड़े (48), उनकी पत्नी संगीता और उनके 19-वर्षीय बेटे कुणाल के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे उस समय हुई। जब कुणाल नया मोबाइल फोन लेने की अपनी मांग को लेकर माता-पिता से हुए विवाद के बाद नाराज होकर पहाड़ी पर चढ़ गया।
उन्होंने बताया कि बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित मुरलीधर और संगीता उसे समझाने और घर वापस लाने के लिए पहाड़ी की चोटी तक उसके पीछे गए। अधिकारियों ने बताया कि विवाद का पता चलने के बाद स्थानीय ग्रामीण, पुलिसकर्मी और अग्निशमन के अधिकारी बचाव अभियान में मदद के लिए मौके पर जमा हो गए। अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने पहाड़ी के नीचे एक सुरक्षा जाल बिछाने की कोशिश की, लेकिन कुणाल चट्टान के किनारे अपनी जगह बदलता रहा, जिससे सुरक्षाकर्मियों की कोशिशें नाकाम हो गईं।
पति और बेटे को नीचे गिरते देख महिला ने भी लगाई छलांग
उन्होंने बताया कि दोपहर करीब एक बजे जब मुरलीधर अपने बेटे को समझाने के लिए उसके करीब पहुंच गए, तब कुणाल पहाड़ी से कूद गया। अधिकारी ने बताया कि मुरलीधर ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पहाड़ी की चोटी से नीचे गिर गए। उन्होंने बताया कि अपने पति और बेटे को मौत के करीब जाते देख संगीता ने भी कुछ ही पल बाद पहाड़ी से छलांग लगा दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने तीनों शव बरामद कर लिए और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।




