बंगला साहिब में पुलिस की एंट्री पर AAP नाराज, शाह पर क्या कहा?

दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में दिल्ली पुलिस के जवानों के प्रवेश करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार (11 अक्टूबर) को इस घटना की निंदा करते हुए पुलिसकर्मियों पर गुरुद्वारे की पवित्रता और मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे, शनिवार के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों की तुरंत रिहाई और घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
AAP विधायक और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से सिख समुदाय को पुराने दर्दनाक घटनाक्रम याद आ गए. उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने ऑपरेशन ब्लूस्टार और 1984 की घटनाओं की दर्दनाक यादें ताजा कर दीं, जिन्हें सिख समुदाय कभी नहीं भूल पाया है.”
धालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “बीजेपी ने 1984 की घटनाओं को लेकर कांग्रेस की बार-बार आलोचना की है, लेकिन बंगला साहिब की घटना ने उसकी दोहरी मानसिकता को उजागर कर दिया है. भाजपा और कांग्रेस भले ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हों, लेकिन सिखों और उनकी आवाज को दबाने के मामले में उनका रवैया एक जैसा ही लगता है.”
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा देने और पुलिस की कार्रवाई की जिम्मेदारी लेने की मांग की. साथ ही अकाल तख्त के जत्थेदार से घटना का गंभीरता से संज्ञान लेने और सिख संगठनों से इस कथित उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की.
पुलिस की कार्रवाई के वीडियो पर AAP विधायक ने उठाए सवाल
AAP विधायक बलजिंदर कौर ने 10 अक्टूबर की घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “10 अक्टूबर का दिन एक काला दिन था. दिल्ली पुलिस ने बिना सोचे-समझे लोगों को हिरासत में लिया, जबकि प्रदर्शनकारियों को उनकी मंजिल तक पहुंचने से रोकने के लिए मेट्रो सेवाएं, बस और यातायात बाधित किया गया.”
कौर ने गुरुद्वारा बंगला साहिब से जुड़े वीडियो पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, “वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहने और बिना सिर ढके घुसते और गुरुद्वारे की ‘सराय’ से लोगों को जबरदस्ती बाहर निकालते हुए दिखाने वाले वीडियो बेहद परेशान करने वाले हैं.”
उन्होंने कहा कि सराय में दुनियाभर से आने वाले लोगों को आश्रय मिलता है और किसी पवित्र स्थान के भीतर इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है.
सुखबीर बादल और SGPC अध्यक्ष की चुप्पी पर सवाल
बलजिंदर कौर ने शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “जब इतनी गंभीर घटना हुई है, तो शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी चुप क्यों हैं?”
उन्होंने आगे सवाल किया, “क्या उनके लिए भाजपा के साथ राजनीतिक तालमेल सिखों की भावनाओं से ज्यादा अहम है? मैं श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील करती हूं कि वह मजबूती से अपना पक्ष रखें और जवाबदेही की मांग करें.”
AAP विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने भी पुलिसकर्मियों के कथित तौर पर जूते पहनकर और बिना सिर ढके गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश करने पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि यह ऐसी हरकत है, जिसे न तो भुलाया जा सकता है और न ही माफ किया जा सकता है.




