महाराष्ट्र

कौन हैं नवनाथ बन? जिनके बयान से भड़की एकनाथ शिंदे की शिवसेना, तीन साल में जीता है फडणवीस का विश्वास

मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (एमएमसी) चुनावों में महायुति को झटका लगने पर बीजेपी के प्रवक्ता नवनाथ बन ने सहयोगियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि अगर शिवसेना से अच्छा सपोर्ट मिलता तो महायुति पांच की पांचों सीटें जीत सकती थी। शिवसेना के ऊपर उंगली उठाने के बाद नवनाथ बन उसी दिन शिंदे के नेता के निशाने पर आ गए थे। महाराष्ट्र में एमएमसी नतीजे घोषित हुए कई दिन बीत चुके हैं लेकिन बीजेपी और शिवसेना के बीच की तल्खी कम नहीं हो रही है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन शिवसेना के निशाने पर हैं। इसके चलते वह सुर्खियों में आ गए हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी VS शिवसेना क्यों?

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद, भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने यह बयान दिया था कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने गठबंधन का धर्म नहीं निभाया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि पुणे और नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों सहित अन्य सीटों पर शिवसेना के सहयोग न करने और अंतिम समय में कुछ फैसलों (जैसे पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को समर्थन देना) के कारण महायुति गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। यदि शिवसेना ने भाजपा और एनसीपी का सही साथ दिया होता, तो महायुति गठबंधन सभी पांचों सीटों पर जीत हासिल कर सकता था। इस बयान के बाद एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना भड़क गई और शिवसेना नेता नीलेश राणे ने नवनाथ बन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे अपनी हैसियत और सीमा में रहकर बोलें।

नवनाथ बन पर किसने क्या कहा:

  • निलेश राणे (शिवसेना नेता व विधायक): नवनाथ बन, शिंदे साहब पर बोलते समय अपनी औकात (मर्यादा) में रहा करो। तुम्हारी हैसियत क्या है और तुम बात क्या कर रहे हो? तुम अपनी हैसियत से ज्यादा बोल रहे हो। बन केवल एक प्रवक्ता हैं, पूरी भाजपा नहीं।
  • रवींद्र धंगेकर (शिवसेना नेता): बन को ‘पगारी पत्रकार’ और ‘भाड़े पर लिया गया पत्रकार’ हैं। मैं अपने आ गया तो नवनाथ बन को पुणे समेत पूरे महाराष्ट्र में घूमने नहीं दूंगा।
  • आनंद दुबे (शिवसेना शिंदे गुट के प्रवक्ता): महायुति एक परिवार की तरह है और परिवार में थोड़ी-बहुत नोक-झोंक चलती रहती है, सभी मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
  • उदय सामंत (कैबिनेट मंत्री व शिंदे सेना नेता): वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जवाब पूछने या सलाह देने जितने बड़े नहीं हैं।

फायरब्रांड प्रवक्ता बनकर उभरे

नवनाथ इस कंट्रोवर्सी के बाद चर्चा में आ गए हैं। वह अभी तक राज्य में महाविकास आघाड़ी के नेताओं खासकर संजय राउत के बयानों पर पलटवार करते थे लेकिन पहली बार महायुति के नेताओं और खासकर शिवसेना ने उन्हें निशाने पर लिया है। ऐसे में वह एक फायरब्रांड प्रवक्ता बनकर उभरे हैं। नवनाथ बन चूंकि पत्रकार रह चुके हैं तो उन्हें हर शब्द की ताकत का पता है। वे चतुराई से बोलते हैं। एकनाथ शिंदे की शिवसेना के हमलों से घिरे नवनाथ बन विपक्ष पर भी हमला बोल रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संजय राउत को घेरा और कहा कहा विजय माल्या की सुपारी लेकर संजय राउत उन्हें ‘महात्मा’ न बताएं। इतना ही नहीं उन्होंने रवींद्र धंगेकर को भी चेतावनी दी और कहा कि देवेंद्र फडणवीस पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धंगेकर को देवेंद्र जी पर टिप्पणी करने से पहले अपनी योग्यता और औकात देख लेनी चाहिए। पूरा महाराष्ट्र जानता है कि देवेंद्र फडणवीस कौन हैं।

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