पेट के दाईं ओर तेज दर्द को गैस समझकर न करें नजरअंदाज, गॉल ब्लैडर स्टोन का हो सकता है संकेत

दिल्ली: पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक तेज दर्द, बार-बार मतली आना या उल्टी होना अक्सर लोग इसे गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यही दर्द पित्त की थैली यानी कि गॉल ब्लैडर में पथरी का संकेत हो सकता है. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. यूनिक त्यागी के मुताबिक, समय रहते इसकी पहचान और सही इलाज करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही करने पर यह गंभीर रूप ले सकता है. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा.
हर पथरी दर्द नहीं देती
डॉ. त्यागी बताते हैं कि पित्त की थैली में पथरी होना काफी आम बात है. दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर लोगों को इसकी वजह से कोई परेशानी नहीं होती. कई मरीजों को तो सालों तक पता ही नहीं चलता कि उनके गॉल ब्लैडर में पथरी है, लेकिन कुछ लोगों में यही पथरी अचानक तेज दर्द और दूसरी दिक्कतों की वजह बन जाती है.
पित्त की पथरी का दर्द आमतौर पर पेट के दाईं तरफ ऊपरी हिस्से में होता है. यह दर्द अचानक शुरू होता है और काफी तेज होता है. कई बार यह दर्द पीठ, कमर या दाएं कंधे तक फैल जाता है. डॉक्टर इस दर्द को बिलियरी कोलिक कहते हैं. दर्द के साथ मरीज को मतली, उल्टी और बेचैनी भी महसूस हो सकती है. कई बार दर्द इतना ज्यादा होता है कि मरीज को तुरंत अस्पताल जाना पड़ता है.
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर दर्द के साथ तेज बुखार आने लगे, ठंड लगने लगे या आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ जाए, तो यह सामान्य स्थिति नहीं है. ऐसे लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि पथरी अपनी जगह से निकलकर पित्त की नली में फंस गई है और संक्रमण या दूसरी गंभीर समस्या पैदा हो गई है. ऐसी स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
जानें क्या है इसका इलाज
डॉ. त्यागी के अनुसार, गॉल ब्लैडर स्टोन का सबसे प्रभावी इलाज लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी है, जिसमें छोटे-छोटे चीरे लगाकर पित्त की थैली निकाल दी जाती है. इससे मरीज जल्दी ठीक होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है. अगर पथरी पित्त की मुख्य नली में फंस जाए, तो पहले ERCP के जरिए पथरी निकालकर नली को साफ किया जाता है, उसके बाद जरूरत पड़ने पर गॉल ब्लैडर की सर्जरी की जाती है.




