3456 किसानों को दूल्हे के परिवार ने दिया 1 लाख का बीमा कवर, महाराष्ट्र के नांदेड़ में इस शादी की चर्चा

छत्रपति संभाजीनगर: ऐसे समय में जब शादियां अक्सर दिखावे और फिजूलखर्ची में एक-दूसरे से होड़ करती हैं, नांदेड़ के एक छोटे से गांव में अनोखी शादी हुई। इस शादी में जश्न और दरियादिली के मायने ही बदल दिए हैं। 20 मई को, कंधार तालुका के बहादुरपुरा गांव में न सिर्फ़ दो लोगों का मिलन हुआ, बल्कि पूरे समुदाय की देखभाल का एक अनोखा उदाहरण भी देखने को मिला। सिद्धेश्वर पेठकर की शादी एक सामूहिक सुरक्षा का अवसर बन गई, जब उनके परिवार ने शादी के तोहफे के तौर पर गांव के हर निवासी को दुर्घटना बीमा कवर दिया।
कुल 3,465 निवासियों को 1 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के दायरे में लाया गया, जिससे कुल बीमित राशि 33.6 करोड़ रुपये हो गई। इस पहल की अगुवाई सिद्धेश्वर और उनके बड़े भाई अनूप ने की।
गांव के किसानों को मिली बड़ी सौगात
पेठकर परिवार के मन में यह विचार ग्रामीण समुदायों को पेश आने वाले जोखिमों की गहरी समझ से आया। अनूप ने कहा कि नांदेड़ के गांवों में, सांप के काटने, बिजली गिरने और अन्य दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतें कोई असामान्य बात नहीं हैं। मेरे छोटे भाई की शादी हमारे लिए एक खुशी का मौका था, और हम कुछ सार्थक करके उस खुशी को दूसरों तक पहुंचाना चाहते थे।
सामूहिक बीमा पॉलिसी कराई
परिवार ने स्थानीय ग्राम पंचायत के नाम पर एक सामूहिक बीमा पॉलिसी लेने का फ़ैसला किया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पात्र निवासियों को कवर मिले, गांव की मतदाता सूची बीमा कंपनी को सौंपी गई। जिससे यह पहल व्यवस्थित और समावेशी दोनों बन गई।
परिवार बोला- दान का ढिंढोरा नहीं पीटते
इस प्रयास के बड़े पैमाने के बावजूद, पेठकर परिवार ने पॉलिसी के वित्तीय विवरणों को गोपनीय रखने का फ़ैसला किया है। सिद्धेश्वर ने कहा कि हमारी संस्कृति में, दान का ढिंढोरा नहीं पीटा जाता। हम न तो कोई पहचान चाहते हैं और न ही कोई तारीफ। हम बस लोगों का आशीर्वाद पाना चाहते हैं।
शादी में आए साढ़े चार हजार मेहमान
शादी समारोह में 4,500 से ज़्यादा मेहमान शामिल हुए। गांव के निवासी मोहन शेकापुरे ने कहा कि यह एक भव्य समारोह था, लेकिन इस नेक काम ने इसे सचमुच यादगार बना दिया। ऐसा पहले किसी ने कभी नहीं देखा था। गांव के सरपंच बलिराम पेठकर ने भी कुछ ऐसी ही भावनाएं व्यक्त करते हुए इस पहल को दूसरों के लिए एक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह की पहली ऐसी पहल हो सकती है, जिसमें पूरे गांव को शादी के तोहफ़े के तौर पर बीमा कवर मिला हो। यह बीमा पॉलिसी एक साल के लिए वैध है, और भविष्य में इसके नवीनीकरण पर चर्चा होने की उम्मीद है।




