राष्ट्रपति के संबोधन की PM मोदी ने की तारीफ, बोले- उनके विचार राष्ट्र…

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के नाम अपना संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने देश के युवा, शिक्षित महिलाओं की भागीदारी, विदेश नीति, आधुनिक विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास समेत कई मुद्दों पर अपनी बात कही. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन की तारीफ करते हुए उनकी बातों को प्रेरणादायक और विचारशील बताया है.
राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संबंध में एक पोस्ट साझा करके कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से दिया गया संबोधन बहुत ही प्रेरणादायक और विचारशील है. उनके विचार राष्ट्र की मजबूती और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं. उनका संबोधन हम सभी को प्रेरित करता है कि हम विकसित भारत के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करें.’
देश के नाम संबोधन में क्या बोलीं महामहिम द्रौपदी मुर्मू?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के नाम अपने संबोधन में भारत के युवा, शिक्षित महिलाओं की भागीदारी, गरीबी उन्मूलन, विदेश नीति, अर्थव्यवस्था, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि आज देश की कुल आबादी में 65 प्रतिशत लोगों की आयु 35 साल से कम है. यह युवा आबादी हमारी सबसे कीमती संपदा है. हमारे देश के युवा टैलेंटेड हैं, कमिटेड हैं और स्किल्ड हैं. जमीनी स्तर पर युवाओं की तरफ से किए गए विभिन्न समस्याओं के इनोवेटिव और प्रैक्टिकल समाधान को देखकर मुझे समाज और देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता का परिचय मिलता है.
उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता होती है कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारी बेटियां प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं. महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है. कृषि उत्पादकता बढ़ाने में योगदान देने वाली ड्रोन दीदी से लेकर वायु सेना में फाइटर कॉम्बैट लीडर बनने तक विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है.
देश की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर बोलीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘हमारे देश की अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से बढ़ती हुई दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है. वहीं, हमारी विदेश नीति देश हित पर आधारित है. आर्थिक सहयोग बढ़ाने और पारस्परिक संबंधों को और ज्यादा प्रगाढ़ बनाने के लिए हमने अनेक देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं. ग्लोबल साउथ के देशों में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. विश्व पटल पर हमारे देश का सम्मान बढ़ा है.




