Asian Games : भारत का गोल्डन डबल, गुलवीर-विथ्या की हैट्रिक, दसवें दिन आठ पदक

एशियन गेम्स में मंगलवार को भारत ने शूङ्क्षटग और एथलेटिक्स में दो गोल्ड मेडल के साथ कुल आठ पदक हासिल कर एशियाई खेलों में लगातार छठी बार 50 मेडल का आंकड़ा भी पार किया। एशियन गेम्स हर चार साल में होते हैं और 2006 से भारत हर बार 50 या ज्यादा मेडल जीत रहा है। इसके अलावा भारत इस बार पहली दफा पदक तालिका में टॉप टेन में पहुंचा है। दिन की शुरुआत नीरू ढांडा ने विमंस ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर की और देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड का इंतजार खत्म किया। 10 दिन पहले फ्लू की वजह से अस्पताल में भर्ती रहीं और पांच दिन तक अन्न का एक भी दाना नहीं निगल पाईं नीरू कड़ी मेहनत से इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को इसी इवेंट के टीम वर्ग में आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर सिल्वर मेडल भी हासिल किया था। इसके बाद दूसरा गोल्ड भारत ने एशियन गेम्स के चार गुना 400 मीटर महिला रिले रेस में हासिल किया।
किरण, पूवम्मा, प्राची और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने तीन मिनट 29.69 सेकेंड में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया है। विथ्या रामराज ने इसके साथ ही एशियन गेम्स 2026 में मेडल की हैट्रिक पूरी कर इतिहास रच दिया। वह सिल्वर मेडल जीतने वाली चार गुना 400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम का भी हिस्सा थीं और सोमवार को ही उन्होंने 400 मीटर हर्डल्स रेस में भी ब्रांज मेडल जीता था। उधर, गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में 13 मिनट 32.75 सेकेंड के समय के साथ ब्रांज जीता और अपनी मेडल हैट्रिक पूरी की। वह पहले 10 हजार और 1500 मीटर रेस में सिल्वर जीत चुके हैं। वह मेडल की हैट्रिक करने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बने। इसके अलावा मंगलवार को पूजा सिंह ने महिलाओं के हाई जंप में ब्रांज मेडल जीता, जबकि भारत ने मिक्स्ड चार गुना 100 मीटर रिले और पुरुषों की चार गुना 400 मीटर रिले में भी ब्रांज मेडल जीते। मुक्केबाजी में नरेंद्र बेरवाल को सेमीफाइनल मेें हार के साथ ब्रांज से ही संतुष्ट होना पड़ा। हालांकि परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग में जीत हासिल करके गोल्ड मेडल के मुकाबलों में एंट्री की।




