अमरीकी धमकी के बाद बंकर में छिपे आयतुल्लाह खामेनेई

एजेंसियां— तेहरान
ईरान और अमरीका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इस बीच खबर आ रही है कि ईरानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अमरीका के संभावित हमले के खतरे को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई तेहरान में अंडरग्राउंड हो गए हैं। वह किसी बंकर में छिप गए हैं। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, खामेनेई को एक ऐसी सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है, जिसमें कई आपस में जुड़ी सुरंगें और आधुनिक सुरक्षा उपकरण हैं। उनके भूमिगत होने के दौरान उनके तीसरे बेटे मसूद खामेनेई कार्यालय का दैनिक कामकाज संभाल रहे हैं और सरकार के साथ संचार के मुख्य माध्यम बने हुए हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि सर्वोच्च नेता पर किसी भी तरह का हमला पूरे देश के खिलाफ पूर्ण युद्ध माना जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि एक अमरीकी ‘अर्माडा’ (जंगी बेड़ा) ईरान की ओर बढ़ रहा है। अमरीकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई विध्वंसक पोत वर्तमान में हिंद महासागर में तैनात हैं। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि हम ईरान की ओर फोर्स भेज रहे हैं। बस जरूरत पडऩे पर कार्रवाई की जाएगी।
भारत का धन्यवाद
तनाव के बीच, ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में ईरान के खिलाफ लाए गए एक प्रेरित प्रस्ताव के विरोध में भारत ने मतदान किया। भारत ने चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, जो ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर रहा था। भारत का यह वोट प्रस्तावों के खिलाफ उसकी पुरानी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।




