संपादकीय
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…क्या महज औपचारिकता बन गया है सदन?
एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद जनहित से जुड़े मुद्दों पर बहस का सर्वोच्च मंच होता है, तो ऐसे में सरकार…
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क्यों जरूरी है एफसीआरए बिल
यदि एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियामक अधिनियम) संशोधन बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के विचारार्थ भेजा जाता है, तो इसके साफ मायने…
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युवाओं का ‘नया इंकलाब’
यह ‘नया इंकलाब’ है, नए युग और नई पीढ़ी का ‘इंकलाब’ है। यदि ये युवा और छात्र संसद भवन के करीब…
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संसद चलेगी या पटाक्षेप
संसद के मानसून सत्र के सिर्फ चार दिन शेष हैं। इनमें सोमवार भी शामिल है। हम यह संपादकीय संसद की कार्यवाही…
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कब बनेगी दिल्ली जल-भराव मुक्त? हर स्तर पर तय हो जवाबदेही
राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते यह उम्मीद की जाती है कि दिल्ली में अन्य शहरों के मुकाबले हर मोर्चे पर…
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क्यों उबल रही जेन जी?
आजकल चारों तरफ जेन-जी की ऐसी धूम मची है मानो यही एकमात्र राष्ट्रीय मुद्दा और मसला हो! टीवी चैनलों पर लगातार…
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एक बेमानी, संसदीय बहस
लोकसभा में पेपर लीक के संशोधित बिल पर चर्चा बुधवार को भी जारी रही। उससे पहले 9 घंटे, देर रात, तक…
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‘पैलेट गन’ की सियासत
उम्मीद है कि संसद की कार्यवाही चलेगी और पेपर लीक के नए, बेहद कठोर ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन पर रोकथाम) संशोधन…
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सीयू परिसर की कानूनी ईंटें
मामला जितना बड़ा बनता गया, उतना था नहीं। अंतत: माननीय हाई कोर्ट सीयू के जदरांगल परिसर की ईंटें गिन रहा है।…
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‘कॉकरोच’ जीते, ‘प्रधान’ हारे
आंदोलनकारी ‘कॉकरोच’ जीत गए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। ‘कॉकरोच’ अभी इसे टे्रलर मान रहे हैं…
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