दिल्ली

कश्मीरी गेट में ढहा जर्जर मकान: मलबे में फंसी बुजुर्ग समेत 3 जिंदगियां, दिल्ली पुलिस ने किया खौफनाक रेस्क्यू

नई दिल्ली. दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में मंगलवार दोपहर एक पुराने भवन का हिस्सा अचानक गिरने से अफरा-तफरी मच गई. हादसा कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र के कूचे मोहतार खान में हुआ. इमारत का हिस्सा गिरने के बाद तीन लोग दूसरी मंजिल पर फंस गए और उनके बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया. सूचना मिलते ही कश्मीरी गेट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. हालात को देखते हुए हेड कॉन्स्टेबल अंकुर, हेड कॉन्स्टेबल अनुज कुमार और कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पुलिसकर्मियों ने पास की इमारत का रास्ता इस्तेमाल करते हुए क्षतिग्रस्त भवन की छत तक पहुंच बनाई.

इसके बाद लकड़ी की सीढ़ियों और तख्तों की मदद से पुलिसकर्मियों ने दूसरी मंजिल पर फंसे तीनों लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया. पुलिस के मुताबिक, इमारत की हालत लगातार बिगड़ रही थी, ऐसे में समय पर की गई कार्रवाई बेहद अहम साबित हुई. बचाए गए लोगों की पहचान 78 वर्षीय लक्ष्मी देवी, उनकी 50 वर्षीय बेटी सविता और 43 वर्षीय हेमंत कुमार के रूप में हुई है. पुलिस की टीम ने अन्य राहत एजेंसियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही तीनों को सुरक्षित निकाल लिया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि पुलिसकर्मियों की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया. घटना के बाद आसपास के इलाके को भी सुरक्षा के लिहाज से घेर दिया गया, ताकि इमारत का कोई और हिस्सा गिरने की स्थिति में लोगों को नुकसान न पहुंचे.

नॉर्थ डीसीपी नीहारिका भट्ट के मुताबिक थाना कश्मीरी गेट को कूचा मोहतर खान में एक बिल्डिंग गिरने की खबर पर एक PCR कॉल मिली. बीट ऑफिसर हेड कांस्टेबल अंकुर जो अपनी बीट में मौजूद थे, घटनास्थल पर पहुंचे. SHO कश्मीरी गेट अपने स्टाफ के साथ मौके पर यानी 3892 कूचा मोहतर खान पहुंचे, जहां पता चला कि एक पुरानी जर्जर बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया था और किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकने के लिए स्टाफ ने बिल्डिंग के आसपास के इलाके को घेर लिया था. करीब से देखने पर पता चला कि ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां पूरी तरह से गिर गई थीं, जिससे किसी के लिए भी बिल्डिंग में घुसना मुश्किल हो गया था.

एक परिवार के तीन लोग बिल्डिंग की दूसरी मंजिल के अंदर फंसे हुए थे, जो बाहर नहीं निकल पा रहे थे. साथ ही यह भी देखा गया कि पूरी बिल्डिंग धीरे-धीरे गिर रही थी. क्योंकि बिल्डिंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए कोई सीढ़ियां नहीं थीं और जान बचाने और किसी भी बड़ी दुर्घटना को टालने के लिए समय बहुत ज़रूरी था, इसलिए इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार SHO कश्मीरी गेट की देखरेख में HC अंकुर, HC अनुज कुमार और कांस्टेबल प्रवीण कुमार पास वाली बिल्डिंग में घुसे. इसके बाद HC अंकुर, कांस्टेबल प्रवीण डैमेज बिल्डिंग की छत पर पहुंचे और लकड़ी की सीढ़ियों और तख्तों की मदद से 3 फंसे हुए लोगों को बचाया.

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